Thursday, April 6, 2017
Monday, April 3, 2017
Sunday, April 2, 2017
Nagpur Beejotsav 2017 Invitation for Exhibition
Dear friends,
We are happy to invite you to our 5th year of BEEJOTSAV at Nagpur from 7th to 9th April 2017, a carnival of organic food, foodgrains, spices and the celebration of the sustainable, eco-friendly life style.
We, at BEEJOTSAV, are a varied group of organic farmers, seed savers, urban farmers and consumers who have been showcasing organic food for four years. We link grass roots farmers and the urban consumer.
We believe that safe, chemical-free food is the right of every citizen and our movement is a step towards making it available to the urban consumer.
We invite you to exhibit your products by taking a stall.
Festival date: 7th, 8th & 9th April 2017
Time: begins on 7th from 2PM till 10 PM and on 8th & 9th from 10 AM to 10 PM
Venue: Mure Memorial Hospital, Amravati Road, Near Variety Square, Nagpur.
Stall size: 8’ X 8’
Stall charges: Rs 2,500/- (for 3 days, doesn’t include food and accommodation charges)
To book your stall(s) please fill up the form here: https://goo.gl/forms/X08 70F7B42BZX6jF3
After filling up the form, please wait for confirmation from our team. After confirmation (if not received already) please go ahead with payment.
Our account details:
a/c name: Amhi Amchya Arogyasathi
State Bank of India a/c no: 11643200644
IFSC: SBIN0005909
Please inform us once you’ve made the payment.
Your participation will make our event a success and help farmers and urban people transform India.
Regards,
Beejotsav Coordinators
Kirti Mangrulkar 9552556465 k2015.mangrulkar@gm ail.com
Akash Naoghare 9766912745 anaoghare@gmail.com
Anant Bhoyar 9049641474 anantbhoyar180@gmail.com
Ashwini Aurangabadkar 9890515814 ashwini.aurangabadkar@gmail.co m
Link to updates on Beejotsav-2017 :
http://forgmofree.blogspot.com/2017/03/2017-april-7-8-9-nagpur-beejotsav-5th.html
Friday, March 17, 2017
2017 APRIL 7, 8, 9 - THE NAGPUR BEEJOTSAV - 5th year
ORGANIC FOOD, HEIRLOOM
SEEDS AND SUSTAINABLE LIVING
CARNIVAL
The Nagpur Beejotsav is an attempt to reach safe, organic and
affordable food to consumers in and around Nagpur. We aim to directly connect consumers
and producers and reduce exploitation in the value chain. This year, the Fifth Ngur Beejotsav Carnival will be on
On 7, 8 and 9 APRIL 2017
(begins on 7th from 2PM till 10 PM and on 8th & 9th from 10 AM to 10 PM)
(begins on 7th from 2PM till 10 PM and on 8th & 9th from 10 AM to 10 PM)
at MURE MEMORIAL HOSPITAL, Amravati Road, Near Variety Square, Nagpur
OPEN FOR ALL
OPEN FOR ALL
We will have stalls of:
*Grains *
Spices *Cold Pressed Oils *Jaggery *Toxin-Free, Value added Products
Beyond indigenous seeds and agriculture we will
focus on other aspects of sustainability
the tools, technologies,
experiments and approaches for the sustainable lifestyle.
Expect to see different stalls
*Composting
and Urban Waste Management *Terrace Gardening *Smokeless Cooking
*Solar Equipment *Eco-Friendly Products *Books and Magazines *Natural Fertilizers
The other part of the
Beejotsav will have stalls of farmers and research organisations for
indigenous seeds and cotton. Learn about toxin-free food, listen to lectures, songs, watch films, buy eco-friendly products, create contacts with farmers and celebrate
the sustainable lifestyle.
All year round we are involved in sharing experiences,
heirloom seeds, awareness programs, advocacy, khadi promotion etc
We invite you to be part of this movement for a sustainable and
exploitation-free society.
Nagpur Beejotsav Group
Contact for further details:
Rupindar Nanda +91 9860731666 | Shyamala Sanyal +91 9850303318
Rupindar Nanda +91 9860731666 | Shyamala Sanyal +91 9850303318
Prachi Mahurkar +91 9823612468 | Ashvini Aurangabadkar +91 9890515814
Akash Naoghare +91 9766912745 | Kirti Mangrulkar +91 9552556465
Fb Event Page https://www.facebook.com/events/163331254177559/
Do inform your contacts, esp. in & around Nagpur
For STALL BOOKING :
http://forgmofree.blogspot.com/2017/04/nagpur-beejotsav-2017-invitation-for.html
For STALL BOOKING :
http://forgmofree.blogspot.com/2017/04/nagpur-beejotsav-2017-invitation-for.html
Monday, January 16, 2017
GSM c2c - जाहीर आवाहन - हिंदी (Appeal in Hindi)
जाहीर आवाहन
ग्राम सेवा मंडल, वर्धा के पूनी संयंत्र बदलने के लिये आर्थिक सहयोगका आवाहन!
प्रिय मित्र,
आप जानते ही होंगे की १९३४ सााल में विनोबा भावे स्थापित ग्राम सेवा मंडळ यह संस्था, स्थानीय कात्तिनों, बुनकारों, रंगरेजों की मदद से बढीया कपडा बनाने की प्रक्रिया में लगी हुई है. हमें यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है की अब हमारे यहां देसी कपास (non GM) से कपडा बनाने की प्रक्रिया में तेजी आयी है. लेकीन इसमें कुछ मुश्किलें भी खडी हुई है, जिसके बारे में हमें विश्वास है की वे आपकी मदद से सुलझायी जा सकेगी. हमारी मुख्य दिक्कत पुनी बनाने की मशीनें पुरानी होने की वजह से है उन्हें बेहतर उत्पादन के लिए बदलना जरुरी हो गया है. ये मशिनें बदलने से कपास से कपडा बनाने की प्रक्रिया ज्यादा सक्षमतासे स्थानीय तौर पर होने लगेगी.
ग्राम सेवा मंडल में कताई पूर्व विभाग के सक्षमीकरण से कैसे मदद होगी?
- अभी किसान GM (बीटी)कपास के बिजोंपर अवलंबित है. जो विशैला तंत्रज्ञान है. देसी, non GM कपास के बीज के इस्तमाल से किसानोन की स्थिती सुधारने में मदद होगी. हम महसूस करते है की ऐसे कपास से कपडा बनणे की प्रक्रिया खेती में शाश्वतता लाने और स्थानीय तौरपर स्वावलंबी बनणे में मददरूप होगी.
- छोटे धागे के देसी कपास से पूनी बनाने के लिए यह मशीने उपयुक्त है। विदर्भ के स्थानीय प्रजातीयोंसे ४० अंक तक का सूत बनाना संभव है. किंतु उसके लिये आवश्यक कताईपूर्व विभाग यहां नहीं है. सभी स्थानीय खादी निर्माता महाराष्ट्र से बाहर के केंद्रीय पुनी प्लांट पर अवलंबित है. इस कारण शुद्ध और अच्छी गुणवत्तापूर्ण पूनी समयपर मिल नाही पाती. बढिया सूत और कपडा मिलना इस कारण मुश्कील हो जाता है.
- विदर्भ महाराष्ट्र का सबसे ज्यादा कपास पैदा करनेवाला प्रदेश है. लेकीन फिर भी कपास उत्पादक किसान कमा नहीं पाते है. शायद इसलिये की, किसान बाजारभावपर कपास बेचने मजबूर है. यदी किसान कपास का अंतिम उत्पाद कपडा स्वयं बनाकर सीधे ग्राहक को बेच पाये तो शायद ज्यादा कामा पाये. यह तभी संभव है जब स्थानीय कपास उसी परिसरमें पुनी बनने के लिये इस्तेमाल किया जा सके. एक बार पूनी स्थानीय तौरपर बनने लग जाये तो. गांव के स्तरपर कातना और बुनना संभव हो सकेगा.
अत: यदि कताईपूर्व विभाग हमारे पास हो तो वह इन सबके लिये फायदेमंद होगा- १)देशी non GM कपास उगानेवाले किसान २) वे लोक जो स्थानीय तौरपर सूत और कपडे का उत्पादन कर रहे है ३) वे ग्राहक जिन्हे हम पर्यावरणीय, आर्थिक और शाश्वत ढंग से कपडे की आपूर्ति कर पायेंगे.
अत: हम आपकी मदद चाहते है- कताईपूर्व प्रक्रिया की- रेचाई, धुनाई और पूनी बनाने की पूरी मशिनरी खरीदने के लिये. २७० किसान, ३५५ कत्तीने और २४० बुनकरों के परिवारोंको ये मशीन खरीदने से पुरे साल भर फायदा होते रहेगा. ये मशीने खरीदने करीब २० लाख रुपये आवश्यक है. आपके सहभाग की किसी भी रकम का स्वागत है!
सुती कपडा एक तरीका मात्र नहीं है, वह तो धून के उमंग के साथ बीज बोते, पौधे बढाने, सूत कातने और बुनने की बात है. वह हमारे जीवन और पर्यावरण पर कई तरीकोंसे असर करती है. आज अच्छे स्वास्थ और जीवन के लिये ‘स्लो – फूड’ (धीमा अन्न) (प्राकृतिक, स्थानीय और सेंद्रिय) का नारा दिया जाता है. वैसे ही ‘स्लो क्लोथ’ (धीमा कपडा) भी आवश्यक है.
आपकी छोटीसी मदद हमे स्थानीय तौरपर इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और गांव स्तरपर स्वावलंबी होने का लंबा रास्ता चलने में सहायता करेगी. अनेकोंको पर्यावरणीय और समग्रता से सुरक्षित कपडा इससे प्राप्त हो सकेगा.
धन्यवाद !
करुणा फुटाणे (+91 7152 244722, +91 9422633771)
अध्यक्ष, ग्राम सेवा मंडळ, गोपुरी, वर्धा – 442001 महाराष्ट्र.
तन्मय जोशी (+91 8087502186) | ओजस सु. वि.(+91 9403579416) | तेजल वि. (+91 9833707598)
हम में से किसी के साथ संपर्क करें अथवा gramsewamandal@gmail.com पर ‘पुनी प्लांट के लिये सहयोग राशी’ ऐसा विषय लिखकर इमेल करें.
for PDF fle of this text https://drive.google.com/drive/u/0/folders/0B2uzUg1sJZQ0bVI1RWZodWF1LTA
for PDF fle of this text https://drive.google.com/drive/u/0/folders/0B2uzUg1sJZQ0bVI1RWZodWF1LTA
GSM c2c - जाहीर आवाहन- पेळू प्लांट (Appeal in marathi)
जाहीर आवाहन
ग्राम सेवा मंडळ, वर्धा येथील पेळू संयंत्रे बदलवण्यासाठी आर्थिक सहयोगाची विनंती!
प्रिय मित्र,
तुम्हाला कळवण्यास आनंद होतो की, महाराष्ट्रातील विदर्भ भागात स्थानिक पातळीवर सामान्य देशी कापसापासून (Non GM) कापड बनवण्याचे आमचे काम आता जोर धरत आहे. कापूस ते कपडा प्रक्रियेत महत्वाची असलेली कताईपूर्व (pre-spinning) विभागातील यंत्रे बदलवणे ही एक मोठी गरज आहे. त्याकरिता तुमच्या सहयोगाची अपेक्षा आहे.
१९३४ साली विनोबा भावे यांनी स्थापलेले ग्राम सेवा मंडळ (ग्रा.से.मं.) स्थानिक कत्तीनी, विणकर, कास्तकारांसमावेत खादी कापड उत्पादनाचे कार्य गोपुरी, वर्धा येथे करत आहे. येथील पेळू विभागात १९२०, १९४८, १९५१ सालची यंत्रे आहेत. त्यांची कार्यक्षमता व दर्जा खालावला आहे. मध्यंतरी अनेक वर्ष हा पेळू विभाग बंद होता. म्हणून आम्ही पेळू विभाग पुन्हा सुरु केला तेव्हा ही जुनी यंत्रे बदलून अधिक कार्यक्षम नवीन यंत्रे बसवण्याची गरज लक्षात आली आहे. ही यंत्रे बदलल्यास उत्तम दर्जाचे कापड देशी कापसापासून बनवण्याची पूर्ण प्रक्रिया स्थानिक पातळीवर अधिक वेगवान होईल.
ग्रा.से.मं.च्या पेळू विभागाच्या नूतनीकरणाने काय उपयोग होईल?
खालील आकृतीत कापूस ते कपड्यापर्यंतच्या प्रक्रियेत पेळू बनविण्याची प्रक्रिया कापड बनविण्यासाठी किती महत्त्वाची आहे हे समजते
- सद्यस्थितीत शेतकरी कापसाच्या जी. एम. (जनुकीय परिवर्तीत) वाणावर अवलंबून आहेत. शेतीची स्थिती सुधारण्यासाठी स्थानिक, देशी, non GM कापसाच्या माध्यमातून बीज स्वराज साध्य करणे निकडीचे आहे. अशा कापसापासून स्थानिक पातळीवर कापड बनवल्याने देशी कापूस उत्पादनाला अधिक चालना मिळेल.
- छोट्या धाग्याच्या देशी कापसाचा शुद्ध पेळू (Sliver) या यंत्रांतून मिळू शकतो. विदर्भात घेतल्या जाणाऱ्या कापसाच्या वाणांपासून 40 अंकांपर्यंतचे सूत बनवणे शक्य आहे. परंतु, या भागात पेळू संयंत्र नसल्याने सर्व स्थानिक खादी उत्पादक पेळूसाठी महाराष्ट्राबाहेरील केंद्रीय पेळू संयंत्रावर अवलंबून आहेत. यामुळे चांगल्या दर्जाचा शुध्द पेळू मिळण्यात दिरंगाई होते, याचा परिणाम सुताच्या आणि कापडाच्या दर्जावरही होतो. ग्रा.से.मं. शी जोडलेल्या देशभरातील देशी कापूस उत्पादक व खादी कापड बनवणाऱ्या कार्यकर्ता समूहाला पेळू उपलब्ध होईल.
- विदर्भ परिसर महाराष्ट्रातील सर्वात मोठा कापूस उत्पादक आहे, परंतु कापूस उत्पादकांना त्याचा योग्य मोबदला मिळत नाही. कापूस उत्पादकांना विक्रीसाठी केंद्रित सूतगिरण्यांनी ठरवलेल्या बाजारभावास शरण जावे लागते. शेतकऱ्यांनी कापसाऐवजी थेट कापडच ग्राहकांना विकल्यास त्यांचा भरपूर फायदा होईल. स्थानिक पातळीवर पेळू बनवल्यास खेड्यातच कताई, विणाई करून रोजगार उभारणे व ग्राहकांना थेट कापडच विकणे सहज शक्य आहे.
पेळू संयत्र उभारल्यामुळे यांचा फायदा होईल-
- देशी, जनुक परिवर्तीत नसलेला (nonGM) कापूस उत्पादक शेतकरी २. स्थानिक पातळीवरील सूत व कापड उत्पादक ३. पर्यावरणस्नेही, आर्थिक – सामाजिकदृष्ट्या शाश्वत कापड विकत घेऊ इच्छिणारे ग्राहक.
म्हणूनच, आम्ही आपल्या मदतीने पेळू विभागातली जिनिंग, ब्लो रूम, कारडिंग, ड्रो फ्रेम आणि स्पीड फ्रेम ही यंत्रे नव्याने विकत घेऊ इच्छितो. या मशिनिंमुळे प्रतिवर्षी सरासरी २७० शेतकरी परिवार, ३५५ कत्तिनी आणि २४० विणकर परिवारांना फायदा होऊ शकतो. मशीन खरेदीसाठी साधारणपणे वीस लाख रुपयेची गरज आहे. कितीही रकमेच्या योगदानाचे स्वागतच आहे!
आपला छोटा सहयोग आम्हाला ग्रामस्वावलंबन साध्य करत पर्यावरणस्नेही स्थानिक समग्र ‘सुरक्षित कापड’ साकारण्यासाठी उपयुक्त संरचना दीर्घ पल्ल्यासाठी उभारण्यास मदत करेल.
धन्यवाद!
करुणा फुटाणे (+91 7152 244722, +91 9422633771)
अध्यक्ष, ग्राम सेवा मंडळ, गोपुरी, वर्धा - 442001 महाराष्ट्र
तन्मय जोशी (+91 8087502186) | ओजस सु. वि.(+91 9403579416) | तेजल वि. (+91 9833707598)
वरीलपैकी कोणालाही संपर्क करा अथवा gramsewamandal@gmail.com वर ‘पेळू विभागासाठी योगदान’ असा विषय लिहून इमेल करा.
for PDF file of this text : https://drive.google.com/drive/u/0/folders/0B2uzUg1sJZQ0bVI1RWZodWF1LTA
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